सकट चौथ 2026: आज चाँद कब निकलेगा? Moon Rise Time, पूजा विधि और व्रत कथा .सकट चौथ 2026 माघ महीने की Krishna Chaturthi Tithi को मनाई जाती है। इसे कई स्थानों पर Sankashti Chaturthi भी कहा जाता है। इस दिन महिलाएं और श्रद्धालु Nirjala Vrat रखकर Lord Ganesha एवं Chandra Dev की पूजा करते हैं।
सकट चौथ का व्रत विशेष रूप से संतान सुख, परिवार की रक्षा और सभी संकटों से मुक्ति के लिए किया जाता है। इस व्रत में सबसे महत्वपूर्ण होता है Moonrise (Chandroday), क्योंकि Vrat Paran चाँद निकलने के बाद ही किया जाता है।
सकट चौथ 2026 की तिथि और तिथिकाल
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| पर्व का नाम | सकट चौथ / Sankashti Chaturthi |
| तिथि | 6 जनवरी 2026 (मंगलवार) |
| तिथि | माघ कृष्ण चतुर्थी |
| व्रत प्रकार | Nirjala Vrat |
| आराध्य देव | Lord Ganesha, Chandra Dev |
| व्रत पारण | Moonrise के बाद |
आज चाँद कब निकलेगा? (Moon Rise Time – शहर अनुसार)
महत्वपूर्ण सूचना: Moon Rise Time स्थान, latitude–longitude और मौसम पर निर्भर करता है, इसलिए समय में 5–10 मिनट का अंतर हो सकता है।
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प्रमुख शहरों में चंद्र उदय का अनुमानित समय
| शहर | Moon Rise Time |
|---|---|
| दिल्ली / एनसीआर | रात 8:50 – 9:00 बजे |
| जयपुर | रात 9:00 – 9:05 बजे |
| लखनऊ | रात 8:40 – 8:50 बजे |
| पटना | रात 8:20 – 8:30 बजे |
| मुंबई | रात 9:20 – 9:30 बजे |
| पुणे | रात 9:15 – 9:25 बजे |
| कोलकाता | रात 8:10 – 8:20 बजे |
| भोपाल | रात 9:15 – 9:25 बजे |
यदि बादल या धुंध के कारण चाँद दिखाई न दे, तो Chandra Dhyana करके Arghya देना भी शास्त्रों में मान्य है।
सकट चौथ पूजा विधि (Puja Vidhi – क्रमवार)
1. प्रातःकाल की तैयारी
सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें और Sankalp लें।
2. व्रत पालन
दिनभर Nirjala Vrat रखें। स्वास्थ्य समस्या होने पर Phalahar लिया जा सकता है।
3. सायंकाल पूजा की तैयारी
Puja Thali में दीपक, अक्षत, तिल–गुड़ के लड्डू, जल और दूध रखें।
4. चंद्र पूजा
Moonrise के समय Chandra Dev को जल एवं दूध से Arghya अर्पित करें।
5. गणेश पूजा
Lord Ganesha को मोदक या तिलकुट का भोग लगाकर Aarti करें।
6. व्रत पारण
पूजा के बाद थोड़ा जल या प्रसाद ग्रहण कर Vrat Paran करें।
सकट चौथ व्रत कथा (संक्षिप्त विवरण)
सकट चौथ की Vrat Katha में यह बताया गया है कि जो भी श्रद्धा और नियम के साथ इस व्रत को करता है, उसके जीवन के सभी संकट दूर होते हैं।
लोकप्रिय कथाओं में देवरानी–जेठानी की कथा, बुढ़िया माई की कथा और Lord Ganesha की लीला प्रमुख हैं। कथा का पाठ करने से व्रत पूर्ण माना जाता है।
स्वास्थ्य संबंधी सलाह (Health Advisory)
- मधुमेह, कमजोरी या बीमारी में Nirjala Vrat न करें
- चिकित्सक की सलाह से Phalahar Vrat रखें
- व्रत पारण के समय हल्का भोजन करें
क्या करें और क्या न करें (Do’s & Don’ts)
क्या करें
- स्थानीय Panchang देखकर समय की पुष्टि करें
- शांत मन से पूजा करें
- Moonrise के बाद ही व्रत खोलें
क्या न करें
- अफवाहों या गलत समय पर भरोसा न करें
- चाँद के एकदम सटीक मिनट को लेकर तनाव न लें
FAQs for सकट चौथ 2026: आज चाँद कब निकलेगा?
Q1. सकट चौथ का व्रत कब खोला जाता है?
Moonrise के बाद, Chandra Dev को Arghya देने के पश्चात।
Q2. अगर चाँद दिखाई न दे तो क्या करें?
Chandra Dhyana करके दिशा की ओर मुख कर Arghya दें।
Q3. क्या पुरुष भी सकट चौथ का व्रत रख सकते हैं?
हाँ, यह व्रत सभी श्रद्धालु रख सकते हैं।
Q4. क्या Nirjala Vrat अनिवार्य है?
परंपरा है, लेकिन स्वास्थ्य अनुसार Phalahar स्वीकार्य है।
Q5. क्या व्रत कथा पढ़ना आवश्यक है?
हाँ, बिना कथा के व्रत अधूरा माना जाता है।
Q6. सकट चौथ और Sankashti Chaturthi में क्या अंतर है?
दोनों एक ही पर्व हैं, नाम क्षेत्र अनुसार अलग हैं।
